वासना की रात
रात की गहराई में छुपी हुई इच्छाएं, जो आंखों की गहराई में बसी होती हैं, वे इच्छाएं जो दिन के उजाले में नहीं दिखतीं। शाम के धुंधलके में छुपे हुए पल, जो रात की चादर में लिपटे होते हैं, वे पल जो सपनों को जन्म देते हैं और अनजाने रास्तों पर ले जाते हैं। अंधेरे में जलने वाली आग, जो दिल को जलाती है और रूह को भिगोती है, वो आग जो सब कुछ जला देती है और नए अध्याय कीशुरुआत करती है।